Credit Card लेने जा रहे हैं तो याद रखें ये 10 महत्वपूर्ण बातें | Credit card kya hota hai

क्या आपको सच में बता है कि Credit card kya hota hai और क्रेडिट कार्ड के नियम एवं शर्तें, कितनी लिमिट मिलेगी, कितना चार्ज लगता है, बिल कब बनता है, कब लोन मिलेगा और पेमेंट नहीं किया तो क्या होगा।

क्रेडिट कार्ड क्या होता है?


क्रेडिट कार्ड एक तरह से उधार कार्ड होता है जिससे शॉपिंग, बिल पेमेंट, कैश निकासी के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह छोटा सा प्लास्टिक का बना हुआ चिप वाला कार्ड होता है। जो बैंकों द्वारा अपने ग्राहकों की सुविधाओं के लिए जारी किया जाता है। 

क्रेडिट card में पहले से ही लिमिट सेट की जाती है। जो क्रेडिट स्कोर, क्रेडिट हिस्ट्री और मासिक आय के aadhar पर निर्धारित की जाती है। क्रेडिट लिमिट में से पैसे खर्च करने पर निर्धरित बिलिंग date पर बिल पे करना पड़ता है।

क्रेडिट कार्ड के नियम एवं शर्तें क्या है?



कई लोग क्रेडिट कार्ड पर डिस्काउंट, कैशबैक और शॉपिंग रिवार्ड्स पाने के लिए क्रेडिट कार्ड यूज़ करते हैं। लेकिन क्रेडिट card बनवाने से पहले क्रेडिट कार्ड के नियम एवं शर्तें के बारे में जरुर पता होना चाहिए ताकि भविष्य में धोखाधड़ी से बचा जा सके।

क्रेडिट कार्ड मिलने के बाद अपने क्रेडिट कार्ड की डिटेल को किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहिए। अगर दूसरों लोगों को आपके credit card detail का पता होगा तो वे लोग आपके क्रेडिट कार्ड का दुरप्रयोग कर सकते है।


क्रेडिट कार्ड बनाते समय बैंक आपके क्रेडिट स्कोर, क्रेडिट हिस्ट्री और आय के आधार पर क्रेडिट कार्ड की लिमिट सेट करते है। जो क्रेडिट लिमिट निर्धारित की गई है कभी भी पूरी लिमिट को यूज़ नहीं करना चाहिए।

क्रेडिट कार्ड से emi पर सामान खरीद सकते है और किश्तों में भुगतान कर सकते है। लेकिन क्रेडिट कार्ड से emi बनाते समय इस बात का ध्यान रखें कि जितने रुपयों की emi बनेगी उतनी ही राशि की लिमिट block हो जाएगी।



क्रेडिट कार्ड से online shopping करते समय कार्ड की डिटेल सुरक्षित रखना चाहिए। किसी वेबसाइट पर अपने कार्ड की डिटेल सेव नहीं करनी चाहिए। ऐसी वेबसाइट और ऐप पर तो बिलकुल ऑनलाइन शॉपिंग नहीं करनी चाहिए जो बिना OTP भेजे कार्ड से पैसा काट लेती है।

अगर क्रेडिट कार्ड बंद करना है तो इसके लिए बिलिंग date से सात दिन पहले बैंक हेल्पलाइन नंबर या वेबसाइट पर क्रेडिट कार्ड बंद करने के लिए अनुरोध करना चाहिए। अगर ऐसा नहीं करेंगे तो सात दिनों के बाद चार्ज देना पड़ सकता है।


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क्रेडिट कार्ड के लिए कौन कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए?

कोई भी बैंक क्रेडिट card जारी करने से पहले क्राइटेरिया पूरा करने के लिए डाक्यूमेंट्स की जाँच करता है। इसलिए, क्रेडिट card अप्लाई करने से पहले कौन कौन से डाक्यूमेंट्स जरुरी है उनके बारे में जान लेगें तो क्रेडिट card अप्लाई करना आसान हो जाएगा।



Credit card documents required list:

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • वोटर कार्ड
  • पासपोर्ट
  • बिजली का बिल
  • टेलीफोन बिल
  • वोटर आईडी कार्ड
  • सरकारी कर्मचारी के लिए 3 महीने की सैलरी स्लिप या फॉर्म 16 या इनकम टैक्स रिटर्न 

अगर आपका कोई बिज़नेस है तो क्रेडिट card बनाने के लिए बिज़नेस से जुड़े documents मांगे जा सकते है। क्रेडिट card (credit card documents required) के अलावा सिबिल स्कोर या क्रेडिट हिस्ट्री 700 से अधिक है तो क्रेडिट card अप्लाई कर सकते है।

क्रेडिट कार्ड कितने दिन में बन जाता है?


नया क्रेडिट card अप्लाई करने से पहले यह प्रश्न हर किसी के मन में उठता है कि क्रेडिट कार्ड कितने दिन में बन जाता है? क्रेडिट card process बैंक टू बैंक निर्भर करता है। क्रेडिट card अप्लाई करने के बाद बैंक कर्मचारी आपके address verification करने के लिए संपर्क करता है।

क्रेडिट कार्ड बनाने के बाद बैंक कस्टमर के पास by post भेजता है। अगर आप शहर में रहते है तो क्रेडिट कार्ड जल्दी मिल जाता है यदि ग्रामीण इलाके में रहते है तो क्रेडिट card पहुँचाने में थोड़ा समय लग सकता है। यही कारण है कि क्रेडिट कार्ड प्रोसेस पूरा होने में 7 से 14 बिज़नेस डे लगते है। 

क्रेडिट कार्ड की लिमिट कितनी होती है?



क्रेडिट लिमिट कार्ड होल्डर की क्रेडिट हिस्ट्री और आय के अनुसार तय होती है। जब भी कोई bank credit card जारी करता है तो credit limit और cash limit अलग-अलग देता है। अगर बैंक के साथ लेन-देन अच्छा रहता है तो क्रेडिट कार्ड की लिमिट को बाद में भी बढ़ाया जा सकता है।

अगर आपके क्रेडिट कार्ड की लिमिट 50000 रुपये और कैश लिमिट 10000 रुपये है। क्रेडिट कार्ड होल्डर 50000 रुपये ही खर्च कर सकता है न कि 60000 रुपये। कैश लिमिट क्रेडिट लिमिट के अनुसार कम या ज्यादा होती रहती है।


अगर आपके पास पहले से कोई क्रेडिट कार्ड है तो बैंक क्रेडिट कार्ड ऐप से क्रेडिट लिमिट और कैश लिमिट आसानी से चेक कर सकते है। बैंक के साथ पैसे का लेन-देन सही होने पर सिबिल स्कोर इनक्रीस होता है।

क्रेडिट कार्ड का चार्ज कितना लगता है?

कहते है कि उधार लिया हुआ चुका देना चाहिए। क्रेडिट कार्ड भी उधार है। क्रेडिट कार्ड का पैसा समय पर चुका देना चाहिए। लेकिन कुछ बैंक अपने ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड के वार्षिक चार्ज (annual charge) में छूट देते है। क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट बनने के 20 दिन के बाद बिल पे करना पड़ता है।



अगर due date पर भुगतान नहीं किया गया तो बैंक late payment charge वसूल करता है। क्रेडिट कार्ड से atm से भी पैसे निकालने पर चार्ज वसूल करता है। क्रेडिट कार्ड से जुड़े चार्ज अलग-अलग बैंक के अलग-अलग हो सकते है।

क्रेडिट card पर emi बनाने पर भी GST के साथ साथ प्रोसेसिंग चार्जेज लगते है। आपके क्रेडिट कार्ड की जितनी लिमिट है अगर उससे अधिक खर्च कर लिया जाता है। तब भी बैंक द्वारा ओवरलिमिट चार्ज वसूल किया जाता है। Credit card charge से बचने के लिए क्रेडिट कार्ड को सही तरीके से ही इस्तेमाल करना चाहिए।

क्रेडिट कार्ड बनाने के लिए क्या करना पड़ेगा?


कोई भी बैंक क्रेडिट कार्ड बनाते समय ग्राहक की क्रेडिट हिस्ट्री और इनकम रिपोर्ट की जांच करता है। अगर आप सरकारी विभाग या प्रतिष्ठित कंपनी में काम करते है तो क्रेडिट कार्ड बनवाना आसान है।

अपनी इनकम रिपोर्ट जैसे 3 महीने की सैलरी स्लिप या 3 वर्ष की आईटीआर रिटर्न या फॉर्म 16 को लेकर बैंक से सम्पर्क कर सकते है या फिर क्रेडिट कार्ड ऑनलाइन अप्लाई (credit card apply online) कर सकते है। आपकी इनकम रिपोर्ट के आधार पर आपको credit limit दी जाएगी।



अगर आप कोई स्वरोजगार कर रहे हैं। तब भी आप भी क्रेडिट कार्ड अप्लाई कर सकते हैं। बैंक उन लोगों को क्रेडिट कार्ड जारी करता है जो अपना खुद का व्यवसाय करते हैं। आपने बैंक को अपनी monthly income का प्रमाण भी दिखाना पड़ सकता है।

कई बार स्व-व्यवसायी व्यक्तियों को अपना आयकर रिटर्न (income tax return) भी दिखाना पड़ता है। आपकी आय के आधार पर, बैंक आपके आवेदन को स्वीकृत करते समय आपके क्रेडिट कार्ड की राशि की सीमा निर्धारित करता है।


डॉक्यूमेंट एंड एड्रेस वेरिफिकेशन के बाद bank credit card बनाकर आपके address पर पोस्ट के माध्यम से भेज देता है। आमतौर पर घर पर क्रेडिट कार्ड 7 से 15 वर्किंग दिन में पहुँच जाता है। अपने क्रेडिट कार्ड का नंबर, ओटीपी (OTP) और सीवीवी (CVV) कभी दूसरों के साथ शेयर नहीं करना चाहिए।

क्रेडिट कार्ड का बिल कब बनता है?

क्रेडिट कार्ड का बिल भरने की तारीख बैंक वाइज अलग-अलग हो सकती है क्योंकि बैंकों के क्रेडिट कार्ड बिलिंग साइकिल 27 दिन से लेकर 31 दिन तक होता है। कार्ड होल्डर को क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट जनरेट होने के 20 दिन बाद बिल भरना पड़ता है। 



स्टेटमेंट में क्रेडिट कार्ड पेमेंट, कैश विड्रॉल (अगर कोई है तो) और क्रेडिट कार्ड emi की date वाइज पूरी जानकारी दी होती है। स्टेटमेंट के अंदर total amount और minimum amount की राशि भी due date के साथ दी जाती है। क्रेडिट कार्ड के बिल भुगतान की अंतिम तारीख को credit card due date कहा जाता है।

मान लें अगर आपके क्रडिट कार्ड का स्टेटमेंट हर महीने 12 तारीख को जनरेट होता है तो आपने क्रेडिट कार्ड का बिल अगले महीने की 1 तारीख को भरना पड़ेगा। अगर due date पर बिल का भुगतान नहीं किया है late fee लगेगी और बकाया राशि पर ब्याज भी देना पड़ेगा।

क्रेडिट कार्ड से फायदे और नुकसान क्या है?


जब क्रेडिट कार्ड रखते है तो क्रेडिट कार्ड के फायदे और नुकसान क्या होते हैं। अगर इसके बारे में जान लेगें तो भविष्य में क्रेडिट कार्ड के गैर-जिम्मेदाराना तरीके से उपयोग करने से बच सकते हैं। इसलिए, क्रेडिट कार्ड के बारे में जानकारी होनी चाहिए।

क्रेडिट कार्ड एक निश्चित समय के लिए (short term) बिना ब्याज के पैसे उधार लेने की सुविधा देते है।  अगर आप क्रेडिट कार्ड की लिमिट खर्च करके due date पर बिल की payment कर देते हैं। तो आपके लिए क्रेडिट कार्ड अच्छा है। क्रेडिट कार्ड इसी फैसिलिटी के कारण काफी लोकप्रिय है।



क्रेडिट कार्ड के नुकसान

क्रेडिट कार्ड रखने के लिए सालाना फीस जमा करवानी होती है। अगर आप एक से अधिक क्रेडिट कार्ड रखते है तो हर साल एक बड़ा अमाउंट क्रेडिट कार्ड फीस के नाम पर चुकाना पड़ता है जिसके कारण आपको नुकसान होता है।


क्रेडिट कार्ड से खर्च करना भी एक तरह से लोन है। कई बार ऑफर और रिवॉर्ड पॉइंट्स मिलने के चक्कर में बिना जरुरत के भी शॉपिंग करेगें तो कर्च बढ़ता रहेगा। चाहे आपने अगले महीने due date पर बिल चुकाना हो। 

कई क्रेडिट कार्ड होने पर एक क्रेडिट कार्ड से दूसरे क्रेडिट कार्ड का minimum bill ही भरते रहते है। ऐसा करने पर आपकी इनकम का अच्छा-खासा पैसा ब्याज के रुप में चला जाता है। कई लोग क्रेडिट कार्ड होने से ईएमआई के चक्कर में फंस जाते हैं।

क्रेडिट कार्ड का पेमेंट नहीं किया तो क्या होगा?



क्रेडिट कार्ड क्रेडिट स्कोर के aadhar पर बनाया जाता है। क्रेडिट कार्ड की किश्तें नहीं भरने पर सिबिल स्कोर खराब हो जाता है। अगर आप निर्धारित भुगतान तिथि के बाद क्रेडिट कार्ड bill payment नहीं करेंगे तो बैंक कस्टमर केयर से आपके पास क्रेडिट card bill pay करने के लिए फोन आएगा।

आपसे पूछा जाएगा कि आपने अपने क्रेडिट card का बिल कब तक भर देगें। अगर उसके बाद भी लगातार 2 से 3 महीने बिल की पेमेंट नहीं करेंगे तो बैंक bill payment नहीं करने पर क्रेडिट card block कर दिया जाएगा। उसके बाद बिल डिफाल्टर घोषित कर दिया जाएगा।


बैंक पैसे की recovery करने के लिए अपने रिकवरी टीम को बार-बार घर पर भेज सकता है। बैंक के पास आपके खिलाफ क़ानूनी कार्यवाही करने का अधिकार होता है। जिसके कारण कोर्ट कचहरी के चककर काटने पड़ सकते है।

डिफाल्टर घोषित होने के बाद क्रेडिट हिस्ट्री (credit history) खराब हो जाती है। यहाँ तक कि भविष्य में कोई भी बैंक आपको लोन नहीं देगा। क्रेडिट card का बिल नहीं भरने पर कई परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

संबंधित सवाल (FAQ)

मिनिमम अमाउंट ड्यू क्या होता है?



Minimum amount वह राशि होती है जो क्रेडिट कार्ड के कुल बिल का छोटा सा अमाउंट होता है। अगर आप due date पर पूरी राशि का भुगतान नहीं कर पाते तो minimum amount pay कर सकते है। मिनिमम अमाउंट का भुगतान करने पर बैंक कार्ड होल्डर को डिफाल्टर नहीं मानता। लेकिन बकाया राशि पर ब्याज वसूल करेगा।

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